हापुड़ में गोहत्या के शक में दो लोगों की पिटाई के बाद और पुलिसकर्मियों के सामने एक शख्स को घसीटकर ले जाने की घटना में एक पीड़ित के भाई ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि मामले की जांच को लेकर उनके परिवार को अंधेरे में रखा गया है।
दरअसल हापुड़ में गोहत्या के शक में भीड़ ने कासिम और समीउद्दीन नामक दो व्यक्तियों की पिटाई की थी। घटना में गंभीर रूप से घायल हुए समीउद्दीन के भाई मेहरुद्दीन ने प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में मीडिया से कहा कि उनका परिवार डर के माहौल में रह रहा है।
घटना हापुड़ के पिलखुवा के बछेड़ा खुर्द गांव में 18 जून की है। गांववालों ने कासिम नाम के शख्स को पीट-पीटकर मार डाला था। गुरुवार को इससे जुड़ा फोटो वायरल हुआ, जिसमें इंस्पेक्टर और दो सिपाहियों की मौजूदगी में भीड़ कासिम के शव को घसीटकर ले जा रही है। घायल कासिम को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवाया लेकिन उसने दम तोड़ दिया था।
हापुड़ एसपी ने बताया, ‘पुलिस मेहरुद्दीन के बयान को रिकॉर्ड करने के लिए आजाद है। हमने समीउद्दीन के दूसरे भाई यासीन का बयान दर्ज कर लिया है।
उन्होंने ये भी कहा कि जांच चल रही है इसलिए मेहरुद्दीन अपने बयान को रिकॉर्ड कर सकते है।
कासिम के भाई नदीम ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में उनके परिवार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की और कहा कि उन्हें अलग से शिकायत दर्ज करवाने की कोई जरूरत नहीं है। मेहरुद्दीन ने कहा कि इस घटना के बारे में पांच घंटे के बाद भी उनके परिवार को सूचित नहीं किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘समीउद्दीन अपने पशुओं के लिए चारा लेने गए थे तभी देखा की कुछ लोग कासिम को घसीट कर ले जा रहे थे। जब उन्होंने इसमें बीच-बचाव किया तो उनपर भी लोगों ने हमला कर दिया।’
मेहरुद्दीन ने बताया कि हमने पुलिस से मांग की है कि वो हमें न्याय और सुरक्षा प्रदान करेगी। पुलिस ने कहा कि वो हमारी सभी मांगे पूरी करेंगे और उन्होंने एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के लिए भी कहा है, जिस पर यासीन ने हस्ताक्षर किया है।
डीआईजी प्रवीण कुमार ने बताया था कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था और कुछ को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।