पीछले लगभग चार सालों में देश में जाती और धर्म के नाम पर नफरतें बढ़ी है। इन चार सालों में गौ रक्षा के नाम पर तो कभी लव जिहाद के नाम पर मुसलमानों को निसाना बनाया जाता रहा है। चंद कुछ लोगों की वजह से देश की सबसे बड़ी आबादी और दुसरी सबसे बड़ी आबादी में नफरतें जगह बनाने की कोशिशें करने लगी हैं। मगर आज भी दोनों समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो अमन और शांति चाहते हैं। वे चाहते हैं कि समाज में आपसी भाईचारा बनी रहे और यह देश आगे बढ़ते रहे। कासगंज और उसी तरह की कई और धार्मिक उन्माद की घटनाओं से भारत की अनूठी भाईचारे और ‘अनेकता में एकता’ की सभ्यता को ठेस पहुंची है. नफरतों को थामने और बांटे जाने से बचने के लिए ज़रूरी है कि हम एक साथ, कंधे से कन्धा मिला कर ये पैग़ाम दें कि हम एक हैं.
आइये, अगले रविवार (फरवरी 11, 2018) सुबह 11.30 बजे हम और आप गाँधी प्रतिमा, GPO, और उत्तर प्रदेश विधान सभा के बीच एक मानव श्रंखला बनायें और अपनी एकता को और बुलंद करें.कासगंज और उसी तरह की कई और धार्मिक उन्माद की घटनाओं से भारत की अनूठी भाईचारे और ‘अनेकता में एकता’ की सभ्यता को ठेस पहुंची है. नफरतों को थामने और बांटे जाने से बचने के लिए ज़रूरी है कि हम एक साथ, कंधे से कन्धा मिला कर ये पैग़ाम दें कि हम एक हैं. आइये, अगले रविवार (फरवरी 11, 2018) सुबह 11.30 बजे हम और आप गाँधी प्रतिमा, GPO, और उत्तर प्रदेश विधान सभा के बीच एक मानव श्रंखला बनायें और अपनी एकता को और बुलंद करें. इस कार्यक्रम से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए इस फेसबुक इवेंट से जुड़ें