ऐसे समय जब उग्र हिन्दुत्व के समर्थक देश में नफ़रत फैलाने का काम कर रहे हैं, तिलंगाना की राजधानी हैदराबाद में मुसलमानों ने सभी धर्मों और जातियों के बीच इस्लाम के बारे में जागरुकता लाने के लिए “मस्जिद रहमते आलम” के दरवाज़े सबके लिए खोल दिए हैं।

मेरी मस्जिद में आइये कार्यक्रम के तहत 20 लोगों के समूह ने भारत के मुस्मिल समाज के मूल्यों और संस्कृति से आगाह करने के उद्देश्य से यह पहल की है। आयोजकों का कहना है कि विभिन्न धर्मों के बीच सांप्रदायिक सद्भाव, शांति और भाईचारा बढ़ाने के इस कार्यक्रम की अनेक लोगों ने सराहना की है