सऊदी अरब के खिलाफ़ ईरान की पॉलिसी मुस्लिम दुनिया के लिए चिंताजनक!

सऊदी अरब के खिलाफ़ ईरान की पॉलिसी मुस्लिम दुनिया के लिए चिंताजनक!

इस्लामी गणतंत्र ईरान के पवित्र नगर क़ुम में मानवाधिकार के अंतर्राष्ट्रीय संगठन नेश्न्स जस्टिस के प्रबंधन में क्षेत्रीय देशों में मानवाधिकारों के उल्लंघन और सऊदी अरब की भूमिका के विषय पर सेमीनार आयोजित की गयी जिसको मानवाधिकार के विशेषज्ञों सहित विभिन्न देशों के अधिकारियों ने संबोधित किया।

इस सेमीनार को संबोधित करते हुए सऊदी अरब के बुद्धिजीवी शैख़ मुन्तज़िर अलहेजाज़ी ने कहा कि तानाशाही सरकारों में मानवाधिकारों का हनन एक सामान्य बात बन गयी है किन्तु आले सऊद सरकार ने जिस प्रकार सऊदी अरब में मानवाधिकारों का हनन किया है इसका उदाहरण दुनिया में और कहीं नहीं मिलता।

पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, शैख़ हेजाज़ी ने सऊदी यातना केन्द्रों की ओर संकेत करते हुए कहा कि 30 हज़ार से अधिक क़ैदी बिना किसी जुर्म और ग़लती के सऊदी टार्चर सेल्ज़ में बंद हैं।

सऊदी अरब के बुद्धिजीवी ने देश के वरिष्ठ धर्मगुरु शैख़ बाक़िर निम्र की शहादत के बाद शीया धर्मगुरुओं और सक्रिय राजनेताओं की फांसियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि आले सऊद सरकार ने मूल मानवाधिकारों का खुले आम उल्लंघन का क्रम जारी रखा हुआ है।

शैख़ हेजाज़ी ने सऊदी अरब की इस बदले की कार्यवाही की निंदा करत हुए विश्व संस्थाओं से अपील की है कि सऊदी अरब को मानवाधिकारों के हनन से रोका जाए और इस बारे में गंभीर कार्यवाही की जाए।

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