इसलामाबाद: इमामे काबा अपने दौरा पाकिस्तान के दौरान इस्लामी युनिवर्सिटी के केम्पस में कहा कि हलाल व हराम का बेजा फतवा जारी करना मुनासिब कदम नहीं है। इस कम को मुफ़्तीयों और आलिमों तक ही महदूद रखा जाना चाहिए।
इमाम काबा शेख डॉक्टर सालेह बिन हमीद ने कहा कि हलाल खाने का विषय सिर्फ खाने तक ही महदूद नहीं है, पीने की चीज़ें और दवायें और अन्य मामलों पर भी लागू है। उन्होंने यह भी कहा कि हराम खोराक का शरीर पर खतरनाक प्रभाव होता है।
उन्होंने कहा कि हलाल हराम का फर्क कुरानी आयतों में आया है। इस मामले में सऊदी अरब की फिका अकेडमी इस विषय पर कई सम्मेलन और बैठकों का आयोजन करके कई चीजें जारी कर चुके हैं।