कांचा इलैया देशद्रोही हैं उनकी किताब के लिए उन्हें फांसी दे देनी चाहिए: TGP सांसद टीजी वेंकटेश

देश के जाने -माने लेखक और सामाजिक चिंतक प्रो. कांचा इलैया अपनी नई किताब ‘सामाजिका स्मगलर्लु कोमाटोल्लू’ की वजह से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
इस किताब में उन्होंने में दावा किया गया है कि आर्य वैश्य समुदाय के लोग किसान हुआ करते थे और मांस खाते थे। लेकिन बाद में वे शाकाहारी हो गए।
अपनी किताब में इस बात का खुलासा कर कांचा विवादों में घिर गए हैं। इसके लिए उनकी काफी आलोचना की जा रही है।
तेलुगू देशम पार्टी के सांसद टीजी वेंकटेश, जोकि आर्य वैश्य समुदाय से आने वाले एक बड़े नेता है। उनका कहना है कि कांचा इलैया देशद्रोही हैं। उनकी लेखनी समाज को बांटने के लिए होती है।
खाड़ी देशों की तरह वह भी सार्वजनिक रूप से फांसी दे देने लायक हैं। उन्होंने कांचा को डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम से ज़्यादा ख़तरनाक बताया है।

डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के अनुसार, आर्य वैश्य महासभा की ओर से हुए एक कार्यक्रम में शामिल होने आए टीजी वेंकटेश ने कहा कि हमारे समुदाय से आने वाले देश भर के सदस्यों को प्रो. कांचा इलैया के ख़िलाफ़ केस दर्ज कराना चाहिए। भारत में भी ऐसे नियम होने चाहिए कि ईश निंदा और किसी धर्म विशेष के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बात कहने वाले को सज़ा के रूप में पत्थर मारे जाने और फांसी पर लटकाने का प्रावधान होना चाहिए।

आर्य वैश्य संगठनों ने दावा किया है कि कांचा ने अपनी किताब का जो शीर्षक दिया है। उसका मतलब सामाजिक तस्कर होता है’, जो कि उनकी प्रतिष्ठा के ख़िलाफ़ है।