खट्टर सरकार को झटका: बीफ के मामले में बंद सभी आरोपी रिहा

नई दिल्ली-बीफ मामले को लेकर अदालत में हरियाणा सरकार और पुलिस की जबर्दस्त किरकिरी हुई है। इस मामले में अदालत ने ना सिर्फ बीफ रखने के आरोपियों को बरी कर दिया है बल्कि उन्हें राज्य सरकार से मुआवजा भी दिलवाया है।
खबर के मुताबिक, ये मामला लगभग डेढ़ साल पहले 11 सितंबर 2016 का है। तब पुलिस ने मांस से भरे एक ट्रक को जब्त किया था। पुलिस का आरोप था कि ट्रक में बिना सरकारी इजाजत के बीफ ले जाया जा रहा है। इस ट्रक को कुछ लोगों ने सड़क पर पकड़ा था और इसमें आग लगा दी थी। पुलिस ने मांस का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया था।
जबकि बुधवार 7 मार्च को जब इस मामले की सुनवाई एडीजे कोर्ट पलवल में हो रही थी। जांच में ये पता चला है कि ट्रक में लदा मांस बीफ न होकर दूसरे जानवरों का था।

अदालत ने इस पूरे केस को गंभीर सरकारी लापरवाही करार देते हुए 30 दिन के अंदर आरोपियों को दो लाख रुपये मुआवजा देने का फैसला सुनाया है।

बता दें कि यह केस पलवल के पास मंडकौला गांव का है।
जहां पर जानवरों के खाल और मीट से भरा एक ट्रक पकड़ा गया था। स्थानीय लोगों को जब इसकी जानकारी मिली तो वे लोग यहां पहुंच हंगामा करने लगे।

पुलिस कुछ कर पाती इससे पहले ही लोगों ने ट्रक में बीफ होने का आरोप लगाकर आग लगा दी, और ट्रक में सवार लोगों के साथ मारपटी भी की थी और पुलिस ने उलटे बिना लाइसेंस बीफ ले जाने के आरोप में 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।