पंजाब: जालंधर शहर में एक ऐसी मस्जिद मौजूद है। जहाँ पर नमाज पढ़ी और सुनाई ही नहीं, बल्कि समझाई भी जाती है। इस मस्जिद का नाम है, मस्जिद-ए-फिरदोस।
यहाँ पर नमाज करने आने वाले लोगों को कुरआन ट्रांसलेट करके उसके अर्थ समझाए जाते है और उन्हें इसे अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
ये मस्जिद शहर की पुरानी कचहरी के सामने बनी हुई है। इस मस्जिद के बारे में इमाम जावेद हसन सलमानी बताते हैं कि बंटवारे से पहले यह शहर की हद पुराने जीटी रोड के अंदर होती थी।
इसी कारण से इसे आज भी पुरानी कचहरी की जीटी रोड वाली मस्जिद कहा जाता है। ये मस्जिद पहली मंजिल पर बनी हुई है। बावजूद इसके हर उम्र वर्ग के लोग यहां पर नमाज अता करने आते हैं।
जो मुस्लिम भाई कचहरी में कोई काम करवाने आते हैं तो देर-सवेर होने पर यहीं पर धार्मिक रस्में पूरी कर लेते हैं।
मस्जिद में लोगों को कुरान की ट्रांसलेशन करके इसका अर्थ बताने की शुरुआत दो सालों से ही शुरू की गई है। जिससे यहाँ आने वाले मुस्लिम भाईओं की संख्या भी बढ़ गई है। इस कारण से ये मस्जिद पूरे पंजाब में जानी जाती है।