मौलाना अबुल हसन अली नदवी अभूतपूर्व आलिमे दीन और दुर्वेश इंसान थे

भटकल: राबता अदब इस्लामी की ओर से मौलाना अबुल हसन अली नदवी अकेडमी के अधीन आयोजित एक सेमिनार में ‘मुफक्किरे इस्लाम मौलाना अबुल हसन अली नदवी (अली मियां) की दीनी और दावती खिदमात’ के विषय पर पिछले दिन भटकल की मशहूर धार्मिक संस्था जामिया इस्लामिया में आयोजन किया गया। जिसमें न सिर्फ देश बल्कि विदेश से भी उलेमा शामिल हुए। देश के खित्ते से और विदेश जैसे इराक़, बांग्लादेश, ईरान. मलेशिया वगैरह से लगभग तीन सौ उलेमा और बुद्धिजीवीयों के आने इस सेमिनार को एतिहासिक सेमिनार बना दिया।

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राबता अदब इस्लामी का यह सेमिनार इस्लाम दुनियां की प्रमुख हस्ती और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद राबे हसनी नदवी, की अध्यक्षता में आयोजन हुआ। सेमिनार में बड़ी बड़ी हस्तियों ने अली मियां पर लेख लिखे।

जिसका सीधा खुलासा यह है कि मौलाना अबुल हसन अली नदवी की हस्ती एक मिसाली हस्ती थी, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में जो दीनी, दावती और इस्लाह का काम किया है, वह उन का अलग कारनामा है, वह न सिर्फ प्रख्यात खतीब और जबर्दस्त अदीब थे, बल्कि मिल्लते इस्लामिया के महान नेतृत्व और दुर्वेश इंसान थे।