क्या बीजेपी में कम हो गयी मेनका और वरुण गांधी की अहमियत?

क्या बीजेपी में कम हो गयी मेनका और वरुण गांधी की अहमियत?

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में इस बार सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और मेनका गांधी समेत आठ कैबिनेट मंत्रियों को नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है।

हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को मिली प्रचंड जीत के बाद बृहस्पतिवार को नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। पीएम मोदी के साथ कैबिनेट के उनके दूसरे सहयोगियों ने भी शपथ ली।

अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, दूसरे कार्यकाल में जिस वरिष्ठ मंत्री को जगह नहीं मिली उसमें चौंकाने वाला एक नाम मेनका गांधी का है।

दरअसल गांधी परिवार के दूसरे महत्वपूर्ण धड़े से जुड़ी मेनका मुख्य गांधी परिवार की काट के लिए एक समय पार्टी के लिए बेहद अहम थी। अब मुख्य गांधी परिवार के काट के लिए पार्टी को स्मृति ईरानी के रूप में चेहरा मिल गया है।

उन्होंने लगातार मेहनत और संघर्ष की बदौलत गांधी परिवार की सबसे अहम मानी जाने वाली अमेठी सीट कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से छीन ली है। जाहिर तौर पर इस राजनीतिक परिदृश्य में गांधी परिवार के दूसरे महत्वपूर्ण धड़े के लिए पार्टी के पास उतना सियासी महत्व नहीं रह गया है।

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