म्यांमार रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस लेने का दिया प्रस्ताव

म्यांमार ने सोमवार को राखिने से बांग्लादेश भागकर गए रोहिंग्या शरणार्थियों में से करीब पांच लाख को वापस लेने का प्रस्ताव दिया है। ‘डेली स्टार’ की रपट के अनुसार, म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की के कार्यालय के मंत्री क्याव टिंट स्वे ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए. एच. महमूद अली के साथ वार्ता के बाद रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस लेने की पेशकश की है।

दोनों नेताओं ने एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक के दौरान रोहिंग्या संकट का समाधान निकालने के लिए एक संयुक्त कार्यदल बनाने पर भी सहमति जताई। बांग्लादेश के विदेश मंत्री एएच महमूद अली ने म्यामांर के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि के साथ बातचीत के बाद यह जानकारी दी।

उल्‍लेखनीय है कि बांग्लादेश स्थित संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय ने बीते 24 सितंबर को जानकारी दी कि बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में कम से कम 470,000 रोहिंग्या लोगों को आश्रय की जरूरत है. संयुक्त राष्ट्र के इंटर सेक्टर कोऑर्डिनेशन ग्रुप की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 25 अगस्त के बाद से आए हुए शरणार्थियों की संख्या बढ़कर 436,000 हो गई है, हालांकि यह कहा गया कि बीते दो दिनों से सीमा पर इनके आने की रफ्तार धीमी हो गई है।

एफे समाचार एजेंसी ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, “अनुमानित 470,000 लोगों को आश्रय सहायता की आवश्यकता है। इसमें 25 अगस्त से पहले और बाद में आने वाले लोगों को शामिल किया गया है।”

संयुक्त राष्ट्र ने बीते 21 सितंबर को शरणार्थियों की संख्या लगभग 429,000 बताई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अब शरणार्थियों के काफी छोटे समूह ही बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्व जिले कॉक्स बाजार में आ रहे हैं, जहां पर अधिकांश रोहिंग्या भागकर आए हैं।