VIDEO: अटल बिहारी की बाबरी मस्जिद विध्वंस से पहले की भड़काऊ भाषण और बाद में दी गई गोल मटोल सफाई!

बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद में एनडीटीवी से बातचीत के दौरान भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि 6 दिसंबर को अयोध्या में जो कुछ हुआ, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। यह नहीं होना चाहिए था। हमने इसे रोकने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। हमें इसके लिए खेद है।

बाबरबाबरी मस्जिद वविध्वंसबाद के बाद सफाई देते हुए अटल बिहारी

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जब पत्रकार ने पूछा कि वे सफल क्यों नहीं हुए? तब वाजपेयी ने जवाब दिया, “कार सेवकों का एक हिस्सा नियंत्रण से बाहर चला गया। उन्होंने जो कुछ किया वह नहीं किया जाना चाहिए था।

आश्वासन दिया गया था कि विवादित ढांचे को कोई क्षति नहीं दी जाएगी। यह आश्वासन नहीं रखा गया था। यही कारण है कि हमें खेद है।”
बाबरी विध्वंस से 24 घंटे पहले कारसेवकों को दी गई भड़काऊ भाषण
मालूम हो कि बाबरी मस्जिद विध्वंस के ठीक 24 घंटे पहले अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने भाषण जिस बात का जिक्र किया था। उसे ही विध्वंस का इशारा भी माना जाता है।

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पांच दिसंबर 1992 को लखनऊ में लाखों कारसेवकों को संबोधित करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि “ये ठीक है सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक अदालत लखनऊ की बेंच फैसला नहीं करती तब तक निर्माण का कोई कार्य मत करो।

मगर सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि आप भजन कर सकते हैं, कीर्तन कर सकते हैं, अब भजन एक व्यक्ति नहीं करता भजन होता है तो सामूहिक होता है। और कीर्तन के लिए तो और भी लोगों की आवश्यकता होती है।

और भजन कीर्तन खड़े खड़े तो हो नहीं सकता है कब तक खड़े रहेंगे। वहां नुकीलें पत्थर निकले हैं। उन पर तो कोई नहीं बैठ सकता। तो जमीन तो समतल करना पड़ेगा बैठने लायक तो करना पड़ेगा यज्ञ का आयोजन होगा तो कुछ निर्माण भी होगा। कम से कम बेदी तो बनेगी।”