वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के इंडिया इकनॉमिक समिट में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि लोगों की नौकरी जाना इकॉनमी के लिए अच्छा संकेत है।
भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल की बात का जवाब देते हुए पीयूष गोयल ने ये बात कही थी । सुनील मित्तल ने भारत की टॉप 200 कंपनियों का संदर्भ लेते हुए कहा था कि ये कंपनियां पिछले कुछ सालों से जॉब घटा रही हैं। मित्तल ने कहा था कि अगर ये टॉप 200 कंपनियां रोजगार सृजन नहीं कर रही हैं तो बिजनस समुदाय के लिए समाज को अपने साथ लेकर चल पाना और भी कठिन होता जाएगा।
इसके बाद ही पीयूष गोयल का बयान आया। हालांकि पहले इसे साफ कर दिया जाए कि पीयूष गोयल युवाओं की नौकरी जाने पर खुशी नहीं जता रहे हैं। उनका संदर्भ था कि युवा अब कहीं नौकरी करने की बजाय स्वरोजगार की तरफ जा रहे हैं। पीयूष ने कहा था कि ‘अभी सुनील ने जो कहा कि कंपनियां रोजगार में कमी कर ही हैं, अच्छा संकेत है।’ रेल मंत्री ने कहा कि आज का युवा केवल जॉब पाने की चाहत रखने वाला नहीं है। वह नौकरियों का सृजन करना चाहता है। गोयल ने कहा कि देश आज देख रहा है कि ज्यादा से ज्यादा नौजवान उद्यमी बनना चाहते हैं।
नवभारत से इनपुट