मानवाधिकार विश्व संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने मंगलवार को म्यांमार को राखेन में मुस्लिम विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर मानवता के खिलाफ अपराध में दोषी होने का आरोप लगाया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उसके खिलाफ बहुपक्षीय प्रतिबंधों के साथ ही हथियारों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। ह्यूमन राइट्स वॉच ने एक बयान में साफ तौर पर कहा कि प्रमाणित स्रोतों और सेटेलाइट की तस्वीरों से पता चलता है कि म्यांमार मानवता के खिलाफ अपराध कर चुका है, जिसके लिए उस पर कड़े प्रतिबंध होने चाहिए।
म्यांमार सरकार के प्रवक्ता ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि मानवता के खिलाफ अपराध के पुख्ता सबूत नहीं हैं, और सरकार मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले म्यांमार ने संयुक्त राष्ट्र के उस बयान को भी खारिज कर दिया है, जिसमें विश्व संस्था ने म्यांमार सरकार की कार्रवाई को ‘संगठित नरसंहार’ करार दिया था।
म्यांमार सरकार का कहना है कि सेना उनके विद्रोही आक्रमणकारियों के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं, जो पुलिस और सैन्य कर्मियों पर हमले कर रहे हैं। नागरिकों की हत्या करते हैं और बस्तियों को जलाते हैं।