नूह के जहाज के अवशेष मिलने का दावा

बाइबल व क़ुरान में वर्णित प्रलयंकारी बाढ़ के कारन पैगंबर नुह अलैहिस्सलाम ने जिंदगी को बचने के लिए एक विशालकाय जहाज का इस्तेमाल किया था। प्रभात खबर के मुताबिक, 2010 में बाइबल की घटनाओं से जुड़ी खोज करने वाले तुर्की और चीन के कुछ वैज्ञानिकों के दल ने किया कि वह विशालकाय जहाज तुर्की के अरारत पर्वत पर आकर टिका था।

हाल में यही दावा कैलीफोर्निया के कुछ वैज्ञानिकों ने भी किया है। इन वैज्ञानिकों ने भी माना है कि नुह के जहाज का अंतिम पड़ाव अरारत पर्वत ही था। पुरे विश्व के करीब 100 शोधकर्ताओं व वैज्ञानिक नुह के जहाज की पर आयोजित तीन दिवसीय अंतर राष्ट्रीय विचार गोष्ठी में जुटे। जहां अरारत पर्वत पर जहाज के अवशेष मिलने पर गहन परिचाह्र्चा हुई। इस सिंपोजियम में जियोसाइंस रिसर्च इंस्टिट्यूट के प्रोफ़ेसर राउल इस्पेरांते भी शामिल हुए, जोकि नुह के जहाज के खोज अभियान के मुख्य प्रणेता हैं।

प्रोफ़ेसर राउल इस्पेरांते ने बताया कि मेरा उद्देश्य अरारत पर्वत पर जाकर वहां आसपास जहाज के अवशेष के होने का अन्य प्रमाण खोजना है। जिसको लेकर जियोसाइंस रिसर्च इंस्टिट्यूट के वेबसाईट पर लिखा गया है कि यह अभियान बाइबल में वर्णित घटनाओं का प्रकृति के साथ रिश्ते को समझना है और इसे साझा करना है। प्रोफ़ेसर राउल इस्पेरांते ने 2010 के इस खोज को सच मानते हुए कहा है कि इस क्षेत्र में और गंभीर वैज्ञानिक कार्य करने की जरुरत है।