प्रधानमंत्री आवास के नाम निजी कम्पनियों का काला खेल

लखनऊ: प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेकर आप अपना आशियाना बनाना चाहते हैं तो निजी रियल इस्टेट कंपनियों की ओर से योजना में बुकिंग को लेकर जारी किए जा रहे लुभावने विज्ञापनों के झांसे में न आएं। दरअसल, योजना की नोडल एजेंसी राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) की ओर से अब तक एक भी प्रोजेक्ट (सरकारी या निजी कंपनी) पास नहीं किया गया है। इतना ही नहीं योजना को लेकर जो डिमांड सर्वे कराया गया था, उसकी भी सत्यापित सूची अभी तैयार नहीं हो पाई है, जिससे यह साफ हो सके कि सरकार कितने लोगों को योजना के तहत सब्सिडी का लाभ देने वाली है। ऐसे में आप फायदे की बजाए परेशानी में फंस सकते हैं। हाल ही में कई निजी कंपनियों की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना में बुकिंग को लेकर बड़े विज्ञापन जारी किए गए हैं। इसके बाद अब सूडा की ओर से विशेष सूचना भी जारी की गई है, जिसमें लोगों को आगाह किया गया है कि सूडा ने किसी भी निजी व्यक्ति या संस्था को पीएम आवास योजना के तहत राशि जमा करने के लिए अधिकृत नहीं किया है। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि कोई व्यक्ति या संस्था अवैध रूप से योजना का लोगो और नाम इस्तेमाल करती पाई गई तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सूडा के मुख्य अभियंता कंवलजीत सिंह ने बताया कि अभी पीएम आवास योजना में कोई प्रोजेक्ट पास नहीं हुआ है। अभी फार्मा की फीडिंग और उनके सत्यापन का काम चल रहा है। योजना के तहत सब्सिडी देने के लिए प्रोजेक्ट का सूडा से पास होना आवश्यक है। बिना मंजूरी सब्सिडी का फायदा लाभार्थी को नहीं मिल पाएगा।