जिसे अपने प्रदेश की राजधानी का नाम नहीं पता, जिसे अपने पूर्व मुख्यमंत्री के नाम का नहीं पता अगर हम कहें कि वो शख्स पत्रकार है तो आप यक़ीनन हंसेंगे। लेकिन ये सच है।
जी हां यूपी में आपने भगवा गमछा डाले हुए लोग तो बहुत देखे होगे लेकिन आज हम आपको भगवा पत्रकार से मिलवाने जा रहें है जिसे अपने राज्य की राजधानी तक नही पता है।
दरअसल लखनऊ में पुलिस ने भगवा गमछे डाले एक पत्रकार को पकड़ा है। इस वीडियो को देखकर लगता है कि, यूपी में भगवा गमछे पहनकर अपराध करने और डराने-धमकाने के आरोपों की सच्चाई सामने आ गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहें इस वीडियो में आप देख सकते है कि, कुछ पुलिसकर्मी ने भगवा फर्जी पत्रकार को रोड पर पकड़ रखा है जो कि वो अपनी स्कूटी पर है और उसके पास एक प्रेस कार्ड भी है, जो कि BA न्यूज़ का बताया जा रहा है।
मौके पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मी भगवा गमछा डाले पत्रकार से कुछ सवाल कर रहें है। एक पुलिसकर्मी उससे पूछता है उत्तरप्रदेश की राजधानी क्या है तो वो तोड़ी देर बाद सोच-समझ कर उत्तरप्रदेश की राजधानी दिल्ली बताता है।
इतना ही नही पुलिसकर्मी उससे बहुत से सवाल पूछते है जिसमें से वो एक का भी सही जवाब नही दे पाता।
खबरों के मुताबिक हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी पत्रकार और पुलिस लिखकर धौंस जमाने वालों पर निर्देश जारी करते हुए कहा था कि यदि कोई व्यक्ति फर्जी तरीके से अपने वाहन पर प्रेस या पुलिस लिखवाएगा, तो उसके खिलाफ 420 धारा के तहत कार्रवाई होगी।
ख़ास तौर पर प्रेस लिखवाने वाले व्यक्ति से पत्रकारिता से सम्बंधित चीज़े भी पूछी जा सकती है और पैसे देकर प्रेस कार्ड बनाने वाले व्यक्ति को एवं बनवाने वाले व्यक्ति को भारी जुर्माने के साथ साथ 7 वर्ष की कैद भी हो सकती है। साथ ही सम्बंधित वहन सीज़ कर दिया जायेगा।