वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर सवाल उठ रहे हैं । केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार को निशाने पर लेते हुए पूछा है कि क्या राज्य सरकार को इस बात की भनक थी कि गौरी लंकेश नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए काम करती थीं? अगर हां, तो उन्हें पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं मुहैया कराई गई?
केंद्रीय मंत्री ने गौरी लंकेश की हत्या के लिए बिना जांच के ही आरएसएस विचारधारा को जिम्मेदार ठहराने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी हमला बोला । रविशंकर ने कहा कि भाजपा गौरी लंकेश की हत्या की घोर निंदा करती है।
प्रसाद ने उदारवादियों को निशाने पर लेते हुए पूछा, “ऐसा क्यों है कि मेरे सभी उदारवादी मित्र ऐसे पत्रकारों की हत्या के खिलाफ एकजुट होकर बोलते हैं, जिसकी हत्या माओवादी या नक्सली भी कर सकते हैं लेकिन जब कर्नाटक या केरल में भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ता मारे जाते हैं तो ये लोग एकदम चुप्पी साध लेते हैं?”
रविशंकर प्रसाद ने कर्नाटक में आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत की ईमानदार तरीके से और बिना राजनीतिक भेदभाव के जांच कराने की मांग सिद्धारमैया सरकार से की है । राहुल गांधी के बयान कि निंदा करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की जांच अभी शुरू भी नहीं हुई थी कि कांग्रेस उपाध्यक्ष ने बिना सोचे समझे, निराधारपूर्ण इसके लिए आरएसएस की विचारधारा को जिम्मेदार ठहरा दिया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए बिना होमवर्क किए अक्सर ऐसे अनर्गल आरोप लगाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल के निराधार फैसले के बावजूद वो उम्मीद करते हैं कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार मामले की निष्पक्ष जांच एसआईटी से कराएगी।