केरल सरकार ने आरएसएस पर अपनी कमान कसते हुए राज्य के मंदिरों में गैर-आध्यात्मिक गतिविधियों पर रोक लगाने जा रही है जिसका आरएसएस द्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक़ राज्य के मंदिरों की देखरेख करने वाले देवास्वोम विभाग के तैयार मसौदे के मुताबिक़ मंदिर परिसरों में आरएसएस की शाखाओं पर रोक लग जाएगी। देवास्वोम बोर्ड के अध्यक्ष प्रयार गोपालकृष्णन का कहना है कि आरएसएस के स्वयंसेवक मंदिरो में पूजा-प्रार्थना कर सकते हैं लेकिन हम उन्हें हथियारों के प्रशिक्षण की इजाजत नहीं देंगे।
वहीँ देवास्वोम मंत्री कडकम्पल्ली सुरेंद्रन ने कहा है कि हम आरएसएस को हथियारों और शारीरिक प्रशिक्षण के लिए मंदिरों का इस्तेमाल नहीं करने दे सकते क्योंकि ऐसा करना श्रद्धालुओं के साथ अन्याय है। कुछ मंदिरों में ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियां हो रही हैं और शाखा की आड़ में आरएसएस मंदिरों को हथियार छिपाने और प्रशिक्षण देने की जगह के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। लेकिन अब ऐसा मुमकिन नहीं हो पायेगा क्योंकि प्रस्तावित कानून के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के निजी परिसर में आरएसएस की शाखा लगायी जानी है तो उसकी सूचना पहले पुलिस को देनी होगी।