कानपुर से जम्मू कश्मीर एक हजार संत पत्थरों से भरा ट्रक लेकर जाएंगे।
शहर के एक हिन्दूवादी संगठन के बैनर तले संतो का जत्था यहाँ से 7 मई को घाटी में अलगाववादियों से जूझ रही सेना के जवानों की मदद के लिए ट्रक में पत्थर भर कर ले जा रहे हैं ताकि पत्थरबाजी करने वाले लोगों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा सके।
संगठन के संस्थापक बालयोगी चैतन्य महाराज का कहना है कि अगर हमें जरूरत पड़ी तो और भी संत भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो देश कश्मीर में देश की सेना पर पत्थर बरसा रहे हैं, वे सब देशद्रोही हैं।
चैतन्य महाराज ने आगे कहा कि हमने पत्थरबाजों का सामना करने के लिए पीएम मोदी से इजाजत मांगी थी। हम जवानों का हौसला बढ़ाना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
इसलिए हमने बिना इज़ज़त ही यह कदम उठाया है। चैतन्य महाराज इस मुहीम को ‘युद्ध विजय यज्ञ’ नाम दिया है।