म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे ज़ुल्म व अत्याचार के खिलाफ दुनिया भर में विरोध का सिलसिला जारी है, भारत के मुसलमानों ने भी रोहिंग्या मुसलमानों के प्रति दुःख दर्द का इज़हार किया। इंसानियत की इस उल्लंघन के खिलाफ कल भारत के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुआ।
जिसमें जयपुर, बेंगलुरु, मुंब्रा, मालेगांव, नांदेड़, बीड़, अमरावती, हैदराबाद और मेरठ सहित कई अन्य शहर शामिल हैं। महाराष्ट्र के ऐतिहासिक शहर अचलपुर में रोहिंग्या मुसलमानों पर अत्याचार व उत्पीड़न के खिलाफ बंद का आह्वान किया गया, जिसका मिलाजुला असर देखने को मिला। मुसलमानों के साथ अन्य धर्मों के लोगों ने भी अपना व्यवसाय बंद कर दिया। वहीं सर्वदलीय संगठन की ओर से एसडीएम को एक मेमोरेन्डम भी पेश किया गया, जिसमें रोहिंग्या मुसलमानों पर किए जा रहे अत्याचार को रोकने की मांग की गई।
बल्गाम के मुसलमानों ने बर्मा में रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने फोर्ट रोड से जिला कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली और जिला आयुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार से अनुरोध किया।
मालेगांव शहर में जबरदस्त विरोध देखने को मिला सुन्नी संगठनों की ओर से शहर के डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर प्रतिमा से पैराडाईज़ स्कूल तक एक मानव श्रृंखला बनाकर बर्मा सरकार की निंदा की गई। सुन्नी संगठनों ने भारत सरकार से मांग की है कि भारत में चालीस हज़ार रोहिंगया मुसलमान हैं उन्हें आश्रय दिया जाए।