तेहरान : ईरानी विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ट्विटर पर दी गई धमकी को खारिज कर दिया है। ज़रीफ ने एक ट्वीट में लिखा, दुनिया ने कुछ महीने पहले भी कठोर ब्लस्टर सुना था।” “और ईरानियों ने भी उन्हें सुना है।” उन्होंने कहा “हम सहस्राब्दी के आसपास रहे हैं और साम्राज्यों के पतन होते देखा है, इसलिए अमेरिका सावधान रहें!” जारिफ की टिप्पणियां सिर्फ एक दिन बाद आती हैं जब ट्रम्प ने ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी को चेतावनी दी थी कि ”अमरीका को कभी दोबारा धमकी मत देना. अगर आपने ऐसा किया तो ऐसे परिणाम भुगतने होंगे जो इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ है. अमरीका अब वो देश नहीं रहा जो आपकी धमकी को सुन ले. इसलिए सावधान!”
COLOR US UNIMPRESSED: The world heard even harsher bluster a few months ago. And Iranians have heard them —albeit more civilized ones—for 40 yrs. We’ve been around for millennia & seen fall of empires, incl our own, which lasted more than the life of some countries. BE CAUTIOUS!
— Javad Zarif (@JZarif) July 23, 2018
ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को ईरान से ‘शत्रुता’ भरी नीतियों के लिए कड़ी चेतावनी दी थी. राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ट्रंप के चेतावनी देते हुए कहा, ”मिस्टर ट्रंप, आप शेर की पूंछ से मत खेलिए, क्योंकि इससे केवल पछतावा ही होगा.” रूहानी ने ईरानी राजनयिकों को संबोधित करते हुए कहा, ”अमरीकी इस बात को पूरी तरह से समझते हैं कि ईरान के साथ शांति सभी तरह की शांति की जननी है और इसी तरह ईरान के साथ युद्ध सभी तरह के युद्ध की जननी है. मैं किसी को धमकी नहीं दे रहा, लेकिन कोई हमें डरा या धमका नहीं सकता.”
To Iranian President Rouhani: NEVER, EVER THREATEN THE UNITED STATES AGAIN OR YOU WILL SUFFER CONSEQUENCES THE LIKES OF WHICH FEW THROUGHOUT HISTORY HAVE EVER SUFFERED BEFORE. WE ARE NO LONGER A COUNTRY THAT WILL STAND FOR YOUR DEMENTED WORDS OF VIOLENCE & DEATH. BE CAUTIOUS!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) July 23, 2018
ईरान में इस बात पर सहमति बनती दिख रही है कि अगर ईरान के तेल निर्यात को रोका जाता है तो खाड़ी के बाक़ी देशों के तेल निर्यात को भी रोका जाए. अमरीका पूरी दुनिया के उन देशों पर दबाव बना रहा है जो ईरान से तेल आयात करते हैं. अमरीका का कहना है कि जो देश ईरान से तेल ख़रीदते हैं वो किसी और देश से ख़रीदें. कुल मिला कर अमेरिका ईरान पर सख्ती बरत रहा है और ईरान के होरमुज़ समुद्री मार्ग बंद करने की बात कह रहा है. इस मार्ग पर ईरान का नियंत्रण है. इससे पहले ईरान के इस्लामिक रिवॉल्युशन के नेता अयोतोल्लाह ख़मेनई ने राष्ट्रपति रूहानी का अमरीका के ख़िलाफ़ उनकी नीतियों का समर्थन किया था. इसके बाद ही राष्ट्रपति रूहानी ने अमरीका को यह चेतावनी दी है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स से ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन ईरान में हमले की योजना बना रहा है. ईरान यह अच्छी तरह जानता है कि अमेरिका कभी भी उस पर हमला कर सकता है और ज़ाहिर है ईरान इसके लिए पूरी तरह से तैयार दिख रहा है। गौर करें तो अमेरिका और ईरान का वाक यूद्ध तो लगभग शुरू हो चुका है। जॉन किर्याको ने भी बताया कि, “हमें इसके बारे में चिंता करने की ज़रूरत है … चिंता है कि एक और अमेरिकी राष्ट्रपति दुनिया के दूसरे हिस्से में सैकड़ों हजारों लोगों को मारने को तैयार हैं।”