इलाहाबाद। सीबीआई ने उन्नाव बलात्कार मामले में प्रगति रिपोर्ट इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष पेश की। रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में मुख्य न्यायाधीश डी.बी. भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ के समक्ष सौंपी गई। इससे पूर्व, 13 अप्रैल को अदालत ने इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था और जांच एजेंसी को 2 मई, 2018 को सुबह 10 बजे तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 21 मई तय की। इससे पूर्व, अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी द्वारा लिखित एक पत्र याचिका को संज्ञान में लेकर इस मामले की सुनवाई शुरू की थी। चतुर्वेदी ने अदालत की निगरानी में इस जघन्य अपराध की जांच कराए जाने और इसे जनहित याचिका के तौर पर लेने की मांग की थी।
उधर, पीड़ित लड़की की मां की ओर से एक आवेदन किया गया जिसमें पिंटू सिंह का पता लगाने के लिए जांच की मांग की गई। पिंटू सिंह ने उस लड़की के पिता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी और तब से वह लापता है। गौरतलब है कि 16 वर्षीय लड़की ने पिछले साल जून में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके साथियों पर बलात्कार का आरोप लगाया था।