लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब धार्मिक स्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकरों पर रोक लगाएगी। राज्य के प्रिंसिपल सेक्रेट्री अरविंद कुमार ने आज ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) के प्राविधानों का कड़ाई से अनुपालन करने के संबंध में बताते हुए कहा कि पूरे राज्य के डीएम और एसएसपी को जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि मंदिर व मस्जिद पर बिना इजाजत लगे लाउडस्पीकर को 20 जनवरी से पहले उतरवा दिए जाएं।
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प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने कहा कि उच्च न्यायालय ने बीते 20 दिसंबर को राज्य में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण में नाकामी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी और राज्य सरकार से पूछा था कि क्या प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों, मस्जिदों, मंदिरों, गुरुद्वारों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगे लाउडस्पीकर संबंधित अधिकारियों से इजाजत लेने के बाद लगाये गये हैं? सरकार ने इस संबंध में प्रशासन से इजाजत लेने के लिए 15 जनवरी आखिरी तिथि निर्धारित की है। इसके बाद 20 जनवरी से लाउडस्पीकर हटवाने का कार्य आरंभ कर दिया जायेगा।
वहीँ अदालत ने प्रमुख सचिव गृह एवं उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन को यह सारी सूचना अपने व्यक्तिगत हलफनामे के जरिये एक फरवरी तक पेश करने का आदेश दिया था।
बता दें कि स्थानीय वकील मोतीलाल यादव की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विक्रम नाथ एवं न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन की खंडपीठ ने 20 दिसंबर को यह आदेश जारी किया था।
उल्लेखनीय है कि ध्वनि प्रदूषण नियमन एवं नियंत्रण नियम 2000 के अनुसार यह प्रावधान है कि ऑडिटोरियम, कांफ्रेंस रूम, कम्यूनिटी हॉल जैसे बंद स्थानों को छोड़कर रात 10 बजे से प्रात: छह बजे तक लाउडस्पीकरों का प्रयोग नहीं किया जायेगा।