VIDEO: पश्चिम बंगाल में बीजेपी को मुसलमानों की क्यों है जरुरत, क्यों सम्मेलन रही फेल?

VIDEO: पश्चिम बंगाल में बीजेपी को मुसलमानों की क्यों है जरुरत, क्यों सम्मेलन रही फेल?
फोटो सोर्स: पीटीआई

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में लगातार नए बदलाव आ रहे हैं. पिछले कुछ साल से तृणमूल कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगता रहा है. अब तृणमूल कांग्रेस ने बीरभूम ज़िले में पुरोहित सम्मेलन का आयोजन किया है. वहीं गुरुवार को कोलकाता में भाजपा मुसलमानों को लुभाती दिखी.

मध्य कोलकाता के धरमतला इलाके में बीजेपी ने एक जनसभा का आयोजन किया जिसमें कई मुस्लिम समर्थक नज़र आए. बंगाल में एक चौथाई आबादी मुसलमानों की है.

लिहाज़ा किसी भी चुनाव के लिए मुस्लिम वोट अहम होते हैं. ऐसे में भाजपा ने बंगाल में तीन तलाक के खिलाफ ज़बरदस्त अभियान चलाया और अब सबका साथ सबका विकास के नारे को सामने रख कर भाजपा पंचायत चुनावों में मुसलिम वोट बटोरने की कोशिश में है.

माइनॉरिटी जनसभा में राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने आरोप लगाए कि तृणमूल कांग्रेस ने मुसलमानों का भला नहीं किया है. उन्होंने दावा किया है की उनकी पार्टी 2021 तक तृणमूल को विफल करने में कामयाब हो जाएगी.

इस जनसभा में बीजेपी के मुकुल रॉय ने अपनी पुरानी पार्टी यानी तृणमूल की खुलकर आलोचना की. रॉय ने कहा ‘’ बंगाल में मुसलमानों का चुनावों में इस्तेमाल हुआ है और उन्हें प्रमुख धारा से अलग किया गया है, सरकार उन लोगों की सूची प्रकाशित करे जिन्हें नौकरियां दी गई हैं और दिखाया जाए कि कितने मुसलमानों को नौकरियां मिली हैं.’

मुसलमान समर्थकों में तीन तलाक के खिलाफ केस लड़ने वाली वकील नाज़िया इलाही खान भी जनसभा के दौरान मंच पर थीं. नाज़िया हाल ही में भाजपा में शामिल हुईं हैं. आने वाले पंचायत चुनावों में सभी पार्टियां अपनी किस्मत आज़माने वाली हैं।

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