VIDEO: जानिए डॉ. मोहम्मद असलम परवेज से, मुस्लिम छात्रों को शुरुआती दौर में क्या सिखाना चाहिए

मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर डॉ. मोहम्मद असलम परवेज ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छात्रों के शिक्षा से सम्बन्धी महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। बच्चों के शिक्षा के पर बात करते हुए तालीम व तरबियत में क्या फर्क है इस पर उनहोंने मुख्यरूप से चर्चा किया। उनहोंने कहा कि अभिभावक या शिक्षक द्वारा दिए गये शिक्षा मायने नहीं रखते अगर वे अपने बच्चों को तरबियत नहीं दी है।

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उनहोंने तरबियत पर जोर देते हुए कहा कि बच्चे मां के गोद से ही अपना रुख तय करता है। वहां से उन्हें सही दिशा मिल जाए तो उन्हें आगे कभी भी दिक्कत नहीं होगी, वरना बच्चों को कितने भी किताबों की गठरी थमा देंगे, वो पढ़ तो लेंगे लेकिन तरबियत की अभाव की वजह वह कभी बेहतर इनसान नहीं बन पाएगा।

उनहोंने कहा आप सीधे तौर पर यह जान लें कि एक पढ़े लिखे इंसान तरबियत के बिना दरिंदा कहलाता है, क्योंकि तरबियत के बिना उस इंसान का फितरत इंसानियत वाली नहीं बल्कि दरिंदों वाली होती है। इसके अलावा उनहोंने कई और महत्वपूर्ण चीजों पर चर्चा किया।
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