रिपोर्ट: मुन्फैद को फेक एनकाउंटर में मारा! पिता इस्लाम बोले- एक रात पहले पुलिस ने मिलने को बुलाया था

हरियाणा। नूह ज़िले के खडखडी गांव का रहने वाला 30 वर्षीय मुन्फैद हुसैन 16 सितंबर को तौरु-नूह सड़क पर रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया था।

मुन्फैद की रहस्यमय ढ़ंग से हुई मौत को लेकर उसके पिता इस्लाम हुसैन ने हरियाणा पुलिस की अपराध जांच एजेंसी (CIA) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुन्फैद के पिता का कहना है कि उनके बेटे का फेक एनकाउंटर किया गया है।

बता दें कि CIA स्टाफ हरियाणा पुलिस क्राइम ब्रांच के अंतर्गत काम करते हैं। आम तौर पर, हर जिले में कई सीआईए यूनिट्स हैं, जिसे सब-इंस्पेक्टर या सहायक सब-इंस्पेक्टर देखते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीआईए सब-इंस्पेक्टर अक्सर अल्पसंख्यक और प्रवासी समुदायों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करते हैं।

पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में इस्लाम हुसैन ने कहा कि 15 सितंबर की शाम को, उनके बेटे मुन्फैद ने उसे और उसके ससुर खुर्शीद को नूह के डेकाडी गांव में बुलाया था। वहां मुंफैद ने उन्हें बताया कि सीआईए स्टाफ के सदस्यों- विक्रांत, शक्ति सिंह, सतीश और सिद्धार्थ ने उसे रेवाड़ी में मिलने के लिए बुलाया था  और मुन्फैद से कहा कि अगर वह उनके लिए कुछ “काम” करता है तो वे उसके खिलाफ दर्ज सभी झूठे मामलों को बंद कर देंगे।

इस्लाम हुसैन ने कहा, “खुर्शीद और मैंने उसे (मुन्फैद) सलाह दी कि वो (पुलिसकर्मी) जो कुछ भी करने को कह रहे हैं उसे कर दो, जिससे हमें पुलिस द्वारा किए जा रहे रोज़ के उत्पीड़न से छुटकारा मिल जाए”।

इस्लाम हुसैन ने अपने बेटे को आखरी बार वहां देखा था, अगली सुबह ख़बर आई कि उनके बेटे को सुबह 2 बजे से 3 बजे के बीच टारू-नूह रोड पर काला पहाड़ घाटी पर गोली मार दी गई। वह (इस्लाम हुसैन) नूह अस्पताल के मुर्दाघर पहुंचे जहां उन्होंने अपने 30 वर्षीय बेटे की लाश की शिनाख़्त की।

अपनी शिकायत में  इस्लाम हुसैन ने आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस के सीआईए अधिकारियों ने साजिश रच कर उनके बेटे की हत्या कर दी।

हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने पिता द्वारा दी गई शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की, बल्कि यह एफआईआर सीआईए के इंस्पेक्टर मस्ताना द्वारा दिए गए बयान पर आधारित है। प्राथमिकी में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

इस बात की पुष्टी सिटिज़ंस अगेन्स्ट हेट ने अपनी जांच रिपोर्ट में की है। दरअसल, सिटिज़ंस अगेन्स्ट हेट ने 17 सितंबर को इस मामले की पड़ताल के लिए नूह ज़िले में एक तथ्य खोजी टीम भेजी थी। जहां टीम ने इस्लाम हुसैन और खुर्शीद से मुलाकात की और अपराध के दृश्य का दौरा किया था।