आखिर क्‍यों इस महिला को कभी दर्द महसूस ही नहीं हुआ? जानें पूरा मामला

आखिर क्‍यों इस महिला को कभी दर्द महसूस ही नहीं हुआ? जानें पूरा मामला
Jo Cameron, who has a rare disorder in which she does not experience pain or anxiety, in Gilsland, England, March 27, 2019. Cameron's rare condition is now being examined by scientists who are trying to harness the genetic mutation to create new pain treatments. (Mary Turner/The New York Times)

हर व्‍यक्ति को कई तरह के छोटे-बड़े दर्द होते ही रहते हैं। इनमें भी महिलाओं को तो जीवन भर कई तरह के दर्द का सामना करना पड़ता है। इनमें भी सबसे गंभीर दर्द माना जाता है बच्‍चे के जन्‍म के समय का दर्द यानी ‘लेबर पेन’। पर स्‍कॉटलैंड में रहने वाली एक महिला ऐसी भी है जिसे जलने और कटने पर ही नहीं, बल्कि बच्‍चे को जन्‍म देते वक्‍त भी किसी तरह का दर्द अनुभव नहीं हुआ। जानें क्‍या है पूरा मामला।

यह है पूरा मामला

अपनी तरह के इस अनूठे मामले की जानकारी पांच साल पहले हुई थी। जो केमरॉन अपने पति के साथ स्कॉटलैंड में रह रही थीं। एक हाथ के ऑपरेशन के बाद एक डॉक्टर हैरान था कि वह किसी भी दर्द का अनुभव नहीं कर रही थीं और कोई पेनकिलर नहीं चाहती थीं। इसके बाद जो कैमरॉन से कुछ सवाल किए गए जिनमें कैमरॉन की चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। 65 साल की उम्र में उनका हिप रिप्लेस किए जाने की जरूरत थी क्योंकि उन्हें कुछ महसूस ही नहीं हो रहा था। उनका हिप कब खराब होने लगा, उन्हें पता ही नहीं चला। यहां तक कि जलने, छिलने या फिर कहीं कट जाने पर भी कैमरॉन को किसी तरह का दर्द महसूस नहीं होता था। कैमरॉन को तभी कुछ गलत होने का अहसास हो पाता था जब या तो उनके किसी अंग के जलने पर बदबू आती थी या फिर उनके पति को खून बहता हुआ दिख जाता था।

डिलीवरी के समय भी बस हुई गुदगुदी

इससे पहले जब वे मां बनने वालीं थी तब जो कैमरॉन को बताया गया था कि बच्चे के जन्म के दौरान उन्‍हें काफी दर्द होगा, लेकिन कई घंटे बीत गए पर उन्हें कुछ फर्क नहीं पड़ा। इस दौरान उन्हें बेहोशी की भी कोई दवाई नहीं दी गई थी। केमरॉन उस घटना को याद करते हुए कहती हैं, ‘मुझे यह तो महसूस हो रहा था कि मेरी बॉडी में कुछ बदल रहा है, लेकिन उससे मुझे किसी तरह के दर्द का अहसास नहीं हुआ। बस ऐसा लगा जैसे गुदगुदी हुई हो।’

वैज्ञानिकों ने कैमरॉन की इस स्थिति की वजह एक अज्ञात जीन में परिवर्तन को माना। © Shutterstock.

यह है कारण

हाल ही में प्रकाशित द ब्रिटिश जर्नल ऑफ एनेस्थीसिया में वैज्ञानिकों ने कैमरॉन की इस स्थिति की वजह एक अज्ञात जीन में परिवर्तन को माना। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस खोज से कैमरॉन के दर्द के इलाज में मदद मिलेगी। हालांकि उनका मानना है कि यह म्यूटेशन इस बात से भी जुड़ा हो सकता है कि कैमरॉन ने जिंदगी भर थोड़ी चिंता और डर क्यों महसूस किया और क्यों उनकी बॉडी किसी भी तरह की स्थिति से जल्दी उबर जाती है?

ये है खास जीन

वैज्ञानिक इसे FAAH-OUT कहते हैं। हम सभी के अंदर यह जीन पाया जाता है। लेकिन कैमरॉन के अंदर एक डिलिशन है जोकि जीन के फ्रंट को रिमूव कर देता है। इसकी तब पुष्टि हुई जब कैमरॉन के ब्लड की अतिरिक्त पड़ताल की गई। ऐसी समान परिस्थितियों वाले बच्चों के माता-पिता के बारे में कई लेख लिखे गए हैं, लेकिन कैमरॉन को शक है कि उसे यह म्यूटेशन अपने पिता से मिला हो।

वैज्ञानिक कैमरॉन के असाधारण रूप से कम चिंता स्तर से भी काफी चिंतित हैं। ऐंगज़ाइअटी डिसऑर्डर क्वेस्चनेर में कैमरॉन ने 21 में से 0 स्कोर किया। यही नहीं, कैमरॉन को तो यह भी याद नहीं है कि उन्हें कभी डिप्रेशन भी रहा या डर महसूस हुआ। शोधकर्ताओं ने कहा कि अब वे FAAH-OUT पर फोकस करेंगे और देखेंगे कि यह जीन कैसे काम करता है ताकि वह एक जीन थेरपी या दर्द निवारण तकनीक डिजाइन कर सकें।

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