आंधरा की तशकील से 40 हज़ार मुस्लमान सरकारी मुलाज़मत(नौकरी) से महरूम(असफल/अभागा)

हैदराबाद०५।नवंबर:(सियासत न्यूज़) आंधरा प्रदेश का क़ियाम तलंगाना अवाम के लिए ना सिर्फ़ नुक़्सानदेह साबित हुआ बल्कि अवाम के सब्र वासतक़लाल का इमतिहान भी साबित हुआ । तलंगाना रिसोर्स सैंटर के 42 वीं मुज़ाकरे रियासत में आंधरा का इंज़िमाम ज़ाती मक़ासिद की तकमील अलैहदगी के नकात पर मुशावरत(विचार‌) से ख़िताब करते हुए सदर नशीन तलंगाना एन जी औज़ देवी प्रसाद ने इन ख़्यालात का इज़हार किया । ‘

कैप्टन पांडव रंगा राओ कनोनीर एससी एसटी मीनारीटी फ्रंट सिंह-ए-उल्लाह ख़ान तलंगाना तहरीक (आन्दोलन‌)की सरगर्म ख़ातून क़ाइद वीमलाडी पी रेड्डी ऐडवोकेट जय ए सी क़ाइद सिरी रंगा रेड्डी के इलावा दीगर ने भी ख़िताब किया। आग़ाज़ से क़बल तलंगाना के क़ियाम की जद्द-ओ-जहद में जानों की क़ुर्बानी देने वाले नौजवानों की याद में दो मिनट की ख़ामोशी मनाई गई। देवी प्रसाद ने कहा कि मुत्तहदा आंधरा का क़ियाम आनधराई हुकमरानों और सरमाया दारों की साज़िश का नतीजा है ।

उन्हों ने आंधरा प्रदेश के क़ियाम को तलंगाना के मुस्लमानों का अज़ीम नुक़्सान क़रार देते हुए कहा कि रियासत का क़ियाम चालीस हज़ार मुस्लमानों को सरकारी मुलाज़मतों से महरूम करने का सबब(कारण‌) बना ।उन्हों ने आंधरा प्रदेश के क़ियाम से अब तक मर्कज़ी और रियास्ती हुकूमत की मस्लए तलंगाना के मुताल्लिक़ बेरुख़ी पर अफ़सोस का इज़हार किया । उन्होंने कहा कि नौजवानों ने अपनी जान देकर आनधराई हुकमरानों की मुख़ालिफ़त की तो सरकारी मुलाज़मीन ने आम हड़तालअदम तआवुन(सहयोग‌) तहरीकों के ज़रीया तलंगाना की अवाम के जज़बात का एहसास दिलाया।

कैप्टन पांडव रंगा रेड्डी ने कहा कि आसिफ़ साबह हैदराबाद को एक आज़ाद ममलकत(राष्ट्र‌) रखना चाहते थे मगर इंडियन यूनीयन से मुज़ाकरात और आनधराई हुकमरानों की साज़िशों ने हैदराबाद को इंडियन यूनीयन में शामिल करने पर मजबूर कर दिया।उन्हों ने कहा कि इंडियन यूनीयन में शमूलीयत से क़बल हैदराबाद का दुनिया के तरक़्क़ी याफ़ता ममालिक में शुमार किया जाता था और महिकमा रेलवेज़ आईरवीज़आबी वसाइल इंडस्ट्रीज़ बेहतरीन तर्ज़ की तामीर करदा इमारतें महलात ज़रख़ेज़ आराज़ीयात इलाक़े तलंगाना में मौजू द थे ।

सना उल्लाह ख़ान ने कहा कि मुस्लमानों की मईशत इमलाक आराज़ीयात को मुनज़्ज़म अंदाज़ में निशाना बनाने का आनधराई हुकमरानों और सरमाया दारों ने काम किया है उन्हों ने मुत्तहदा रियासत से क़बल के हालात पर कहा कि हैदराबाद में पसमांदा तबक़ात और मुस्लमानों के दरमयान अज़ीम इत्तिहाद(मैलमिलाप‌) था जिस को ख़त्म करना और वसाइल(साधन‌) को निशाना बनाना हुकमरानों का मंसूबा था जिसमें वो कामयाब हो गए ।

उन्होंने कमीशन की सिफ़ारिशात पर लिसानी बुनियाद के तहत रियासत आंधरा प्रदेश के क़ियाम पर मर्कज़ी हुकूमत की हिमायत और मर्कज़ी हुकूमत की जानिब से क़ायम किए गए फ़ज़ल अली कमीशन की सिफ़ारिशात जिस में मुत्तहदा रियासत की मुख़ालिफ़त की गई थी को नज़रअंदाज करने को इंडियन यूनीयन की हिट धर्मी क़रार दिया।

वीमला ने कहा कि आंधरा प्रदेश का क़ियाम तलंगाना की पसमांदगी का सबब बना । उन्होंने जानों की क़ुर्बानी से तहरीक(आन्दोलन‌) को बरक़रार(स्थिर‌) रखने वालों को हक़ीक़ी(वास्तविक‌) माना ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करने तलंगाना की तशकील पर ज़ोर दिया।