क़ुरैशी बिरादरी का आज बंद

हैदराबाद ०५नवंबर (नुमाइंदा ख़ुसूसी) ईद-उल-अज़हा से क़बल बड़े जानवरों के ताजरीन पर अश्रार के हमलों और उन्हें माली तौर पर नुक़्सान पहुंचाए जाने पर क़ुरैश बिरादरी काफ़ी ब्रहम है। वो चाहती है कि ताजरीन पर क़ातिलाना हमलों और उन का माल लूट लेने वाले समाज दुश्मन अनासिर के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाये और उन की गिरफ्तारियां अमल में आई। जमईयत (दल‌)अल-क़ुरैश ने अश्रार की शरपसंद कार्यवाईयों के ख़िलाफ़ बतौर-ए-एहतजाज कल यानी 5 नवंबर को कारोबार बंद रखने का फ़ैसला किया ही।

इस तरह पैर को बड़े जानवर के गोश्त की दुक्का नात बंद रहेंगी। जमईयत (दल‌)अल-क़ुरैश के एक अहम तरीन इजलास में मुत्तफ़िक़ा(मान्य‌)तौर पर फ़ैसला लिया गया। इजलास में तमाम अज़ला के ताजरीन और मुतास्सिरीन ने शिरकत की। मुतास्सिरीन ने जमईयत(दल‌) के क़ाइदीन को उन पर गुज़रे हालात से वाक़िफ़ करवाया।

जमईयत(दल‌) अल-क़ुरैश ने अगरचे एक दिन बंद मनाने का फ़ैसला किया लेकिन मुस्तक़बिल के लायेहा-ए-अमल को अनक़रीब क़तईयत दी जाएगी