चारमीनार बैंक डिपोज़िटर् को रक़म वापसी के लिए कोशां

हैदराबाद ०४ फरवरी सियासत न्यूज़: चारमीनार कवापरीटीव बैंक तहलील के बाद भी अपने डपाज़ीटरस को रक़म की वापसी के लिए तग-ओ-दो कर रहा ही। बैंक की जानिब से डपाज़ीटरस को अदा शदणी रक़ूमात की छटवें क़िस्त जो सितंबर 2011 में अदा की जानी थी ,रक़ूमात की कमी के बाइस इस में ताख़ीर हुई ही। तवक़्क़ो है कि जारीया माह के अवाख़िर में छटवें क़िस्त जारी करदी जाएगी जो कि 6 करोड़ 20 लाख रुपय पर मुश्तमिल है और डिपोज़िटर् की तादाद 131 है ।

इन में बाअज़ अर्बन बैंक्स और इन्फ़िरादी डिपोज़िटर् शामिल हैं । छटवें क़िस्त की अदायगी के बाद बैंक की जानिब से मज़ीद दो अक़सात की अदायगी बाक़ी रहेगी जो कि मार्च और सितंबर में अदा शदणी है । इन मुक़र्ररा अदायगीयों का इन्हिसार बैंक में रीकवरी के मौक़िफ़ पर होगा । चारमीनार बैंक के ज़राए ने बताया किगुज़शता 2 माह में बैंक के लीकवीडीशन के फ़ैसले के बाद 1.5 करोड़ रुपय से ज़ाइद की रीकवरी हुई है ।

ज़राए के मुताबिक़ गुज़शता 2 साल से ही रीकवरी की रफ़्तार सुस्त पड़ चुकी थी । रक़ूमात की बरवक़्त अदायगी केलिए महिकमा डिपोज़िटर् की जानिब सेमुक़र्ररा लीकवीडीटर ने हराज के अमल में तेज़ी पैदा करने का फ़ैसला किया है । जारीया माह फ़बरोरी मैं 28 हराज मुक़र्रर है जिन का आग़ाज़ 14 फ़बरोरी से होगा इन इमारतों कीमालियत 20 ता 25 करोड़ बताई जाती है । बैंक को बड़े क़र्ज़ दारों से मज़ीद 105 करोड़ रुपय की रीकवरी बाक़ी है । बैंक के बोहरान के बाद रिज़र्व बैंक के इदारे DICGC से 146 करोड़ रुपय हासिल किए गए थे जिन में 42 करोड़ अदा किए जा चुके हैं ।

अदायगी का तरीका-ए-कार ये है कि हर माह की रीकवरी का 50 फ़ीसद हिस्सा रिज़र्व बैंक के इदारे को दिया जाता है । ज़राए ने बताया कि बैंक में फ़िलवक़्त 8 करोड़ रुपय जमा है जिस से छटवें क़िस्त अदा करने का फ़ैसला किया गया । बड़े क़र्ज़दारों में मोहन रेड्डी से 27 करोड़ रुपय बाक़ी है । उन्हों ने 25 लाख रुपय अदा करते हुए ज़मानत हासिल करली थी और उन का मुक़द्दमा सुप्रीम कोर्ट में ज़ेर दौरान है ।

ज़राए के मुताबिक़ कारवाँ के रुकन असैंबली ने अपने बक़ायाजात की अदायगी केलिए बैंक से सटीलमनट से इत्तिफ़ाक़ किया है जिस की बुनियाद पर बैंक ने उन की अराज़ी का हराज मुल्तवी कर दिया । रुकन असैंबली ने बैंक से 1.60 करोड़ हासिल किए थे और बैंक के रिकार्ड के मुताबिक़ सिर्फ 45 लाख रुपय ही अदा किए गए । बैंक के हुक्काम ने माबक़ी रक़म से मुताल्लिक़ रिकार्ड और सबूत पेश किए जिस के बाद रुकन असैंबली ने सीटलमनट से इत्तिफ़ाक़ किया ।

बताया जाता है कि उन्हें जुमला 4.5 करोड़ अदा करना होगा । तवक़्क़ो है कि जारीया माह के ख़तन तक इसमुआमला की यकसूई होजाएगी । बैंक को तहलील के बाद भी ज़िंदा रखने केलिए इस बात की तजवीज़ है कि उसे सोसाइटी में तबदील करदिया जाय और बैंक सोसाइटी के तहत काम करेगा।

सोसाइटी के तहत बैंक सिर्फ़ गोल्ड लोन जारी करसकता है । सोसाइटी के अरकान मेंइज़ाफ़ा की सूरत में बैंक की कारकर्दगी में तौसीअ की रिज़र्व बैंक से इजाज़त हासिल की जा सकती है । इसी दौरान बैंक के अस्क़ाम की तहक़ीक़ात सुप्रीम कोर्ट में हुक्म अलतवा केबाइस तात्तुल का शिकार हो चुकी है ।

बैंक डिपोज़िटर् में दो का इंतिक़ाल होचुका है और माबक़ी डायरैक्टरस सुप्रीम कोर्ट के हुक्म अलतवा के तहत कार्रवाई से बच्चे हुए हैं