पार्टी में मुस्लमानों को नजरअंदाज़ करने की शिकायत

हैदराबाद ०६नवंबर : ( सियासत न्यूज़ ) : सदर प्रदेश कांग्रेस अक़ल्लीयत(अल्पस‍ंख्यक‌) डिपार्टमैंट मिस्टर मुहम्मद सिराज उद्दीन ने दिल्ली में मर्कज़ी वुज़रा मिस्टर ग़ुलाम नबी आज़ाद और मिस्टर रहमान ख़ां-ओ-दूसरों से मुलाक़ात करके रियासत की सयासी सूरत-ए-हाल के इलावा कारपोरेशन-ओ-बोर्ड के नामज़द ओहदों के इलावा तंज़ीमी सतह पर मुस्लमानों को आबादी के तनासुब से नुमाइंदगी देने और वज़ीर-ए-आज़म के 15 नकाती प्रोग्राम की मूसिर अमल आवरी के लिए ज़रूरी इक़दामात करने का मुतालिबा किया ।

ए आई सी सी के इजलास में शिरकत करने दिल्ली पहूंचने वाले मिस्टर सिराज उद्दीन और जनरल सैक्रेटरी प्रदेश कांग्रेस मिस्टर जी निरंजन ने मिस्टर ग़ुलाम नबी आज़ाद से उन की क़ियामगाह पर मुलाक़ात की । रियासत की ताज़ा सयासी सूरत-ए-हाल , तलंगाना तहरीक के इलावा पार्टी-ओ-हुकूमत के दीगर मसाइल पर तबादला-ए-ख़्याल क्या । मिस्टर सिराज उद्दीन ने आज़ाद को बताया कि रियासत में दो मर्तबा कांग्रेस को इक़तिदार में लाने और कांग्रेस के 30 से ज़ाइद ऐम पेज को कामयाब बनाने में अक़ल्लीयतों (अल्पस‍ंख्यक‌) बिलख़सूस मुस्लमानों ने अहम रोल अदा किया है ।

मगर जब इनाम देने का वक़्त आया तो मुस्लमानों को नज़रअंदाज कर दिया गया । राज्य सभा में मुस्लमानों को नज़रअंदाज कर दिया गया । कारपोरेशन और बोर्ड के नामज़द ओहदों की मख़लवा जायदादों को लंबे अर्से से पर नहीं किया गया है जब पर करने पर ग़ौर किया जा रहा है तो ग़ैर कांग्रेसियों के नाम लिए जा रहे हैं । जिस से कांग्रेस के मुस्लमानों ने नाराज़गी और मायूसी पाई जाती है ।

ग़ुलाम नबी आज़ाद ने नामज़द और तंज़ीमी सतह पर अक़ल्लीयतों मुस्लिम अक़ल्लीयत (अल्पस‍ंख्यक‌) से इंसाफ़ का तीक़न दिया । सिराज उद्दीन ने कांग्रेस अक़ल्लीयती क़ाइदीन एजाज़ ख़ां , मेराज ख़ां , के इलावा ौजए वाड़ा के सदर अनवर के साथ सदर सोनीया गांधी और उनके सयासी मुशीर अहमद पटेल : सदर इंडियन कांग्रेस अक़ल्लीयत डिपार्टमैंट मिस्टर इमरान अलरहमन-ओ-मर्कज़ी वज़ीर-ए-क़लीयती(अल्पस‍ंख्यक‌) उमूर मिस्टर रहमान ख़ान से मुलाक़ात की ।

रहमान ख़ां से मुलाक़ात के दौरान वज़ीर-ए-आज़म के 15 नकाती प्रोग्राम पर अमल आवरी रियासत में बराए नाम होने अक़ल्लीयती (अल्पस‍ंख्यक‌) ग़लबा वाले अज़ला की फ़हरिस्त में फिर रियासत को नज़र अंदाज़द करदेने की शिकायत की और आइन्दा साल हज कमेटी के कोटा में इज़ाफ़ा करने पर ज़ोर दिया और वक़्फ़ जायदादों की तबाही के बारे में भी तफ़सीली बातचीत की ।