हल्दी से छाती के सरतान का ईलाज मुम्किन

हल्दी सालों से हमारे रिवायती खानों का हिस्सा रही है। पुराने ज़माने में हल्दी महज़ मसाले का एक जुज़ु नहीं थी बल्कि उसे बहुत सी जिस्मानी तकालीफ़ के ईलाज के लिए इस्तिमाल किया जाता था। आज भी बहुत से घरानों में हल्दी से जिस्म की अंदरोनी औ

दाँत सेहतमंद तो पूरा जिस्म सेहतमंद!

क्या आप के दाँतों में कभी दर्द हुआ है ? क्या आप के मसूड़े कमज़ोर हैं ? क्या आप के मसूड़ों से ख़ून रस्ता है ? क्या आप के दाँत हिल रहे हैं ? ये वो सवालात हैं जो यूनीवर्सिटी आफ़ वाशिंगटन के डेंटल शोबा में ज़ेर तरबियत डॉक्टर्स से पूछे जाते हैं।

विटामिन सी और ई का ज़ाइद इस्तिमाल हमेशा फ़ायदेमंद नहीं

नारवे स्कूल आफ़ स्पोर्टस साइंस के डाक्टर गोरण पालीन की नई तहक़ीक़ के मुताबिक़ विटामिन सी और ई के ज़ाइद इस्तिमाल करने वालों को होशयार होजाना चाहिए क्योंकि इन विटामिंस की मिक़दार वाली अशिया का ज़ाइद इस्तिमाल खिलाड़ियों की जानिब से किया ज

नौज़ाईदा बच्चों की सेहत, माँ के दूध में

अक्सर माएं अपनी औलाद को अपने पिस्तानों का दूध पिलाने से गुरेज़ करती हैं और फिर बाद में ये शिकायत भी करती हैं कि हमारा बच्चा या बच्ची माँ बाप से मुहब्बत नहीं करते। साइंसी वसूल से क़ता नज़र, माँ को औलाद से जोड़ने के लिए माँ का दूध सब से ज़्य

सिगरेट नोशी तर्क करने वालों के वज़न में इज़ाफ़ा का इमकान नहीं?

साईंसदाँ यूं तो सिगरेट नोशी के नुक़्सानात और इसके ज़िमनी असरात पर हमेशा कोई ना कोई तहक़ीक़ करते ही रहते हैं, ऐसी ही एक नई तहक़ीक़ में ये इन्किशाफ़ किया गया है कि उस नौजवान जो इस फ़िक्र में मुबतला हैं कि अगर उन्होंने सिगरेट नोशी तर्क करदी तो

” ULCER” है तो इन चीजों से परहेज करें

ऐसा माना जाता था कि पेट के ज़ख्म अल्सर खासतौर से तनाव और गलत खान पान के इस्तेमाल से होते हैं लेकिन अब ये ख्याल बदल गया है। हकीकत में पेट में ज़ख्म होने के अहम वजह हेलिकोबेक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया होते हैं। जो लोग पेट के अल्सर के शिकार

“SMOKING” की लत नींद उड़ा सकती है

अगर आप अच्छी नींद चाहते हैं तो स्मूकिंग को हमेशा के लिए अलविदा कह दीजिए। हालिया तहकीक के नतीजे बताते हैं कि स्मूकिंग से न सिर्फ कैंसर और दिल की बीमारियां होती है, बल्कि नींद की खासियत भी मुतास्सिर होती है। यह तहकीक एफएएसईबी मैग्जी

खाने में ज़्यादा कैलोरी यानी गुर्दे में पथरी तय

नई दिल्ली : एक नई तहकीक में साइंसदानों ने इस बात का खुलासा किया है कि जो लोग रोजाना अपनी डाइट में बहुत ज़्यादा कैलोरी का इस्तेमाल करते हैं, उनमें किडनी स्टोन होने का खतरा करीब 42 फीसदी तक बढ़ जाता है। जी हां!