सत्यमेव जयते, मगर हिसाब कौन दे ?

By – Wasim Akram Tyagi
लेखक मुस्लिम टूडे मैग्जीन के सहसंपादक हैं

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एक घटना, फिर दूसरी घटना, फिर तीसरी घटना, यहां कोई घटना नहीं बल्कि घटनाओं के खत्म न होने वाले सिलसिले हैं। बम बाद में फटता है पहले टीवी स्क्रीन पर खबर फ्लैश हो जाती है कि मास्टरमाईंड कौन है ? 2006 में मालेगांव के मुस्लिम बहुल इलाके हमीदिया मस्जिद और मुशावरत चौक इलाके में ब्लास्ट होता है, हमेशा की तरह पुलिस वही करती है जो करती आई है। इस मामले में 9 मुसलमानों को गिरफ्तार किया जाता है। अब मुम्बई की एक अदालत ने मालेगांव ब्लास्ट में सभी 9 मुस्लिम आरोपियों को बरी कर दिया है.

हम घर वापस आना चाहते हैं लेकिन !!

लेखक -वसीम अकरम त्यागी

प्रिय श्री मोहन भागवत जी, सरसंघचालक, राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ एवम राष्ट्रीय अभिभावक भारत सरकार
प्रिय श्री नरेंद्र मोदी जी, प्रधानमंत्री भारत सरकार

मन विचलित है, घर की याद इतनी तेज़ हो गई है की आपको चिट्ठी लिखे बिना मन नहीं रहा वैसे भी आप अपनी मन की बात कह डालने में विशवास करते हैं हैं इसलिए मैंने भी सोच लिया की आप के सामने अपनी मन की विपदा रख ही दूं, जब से आप की सरकार आयी है आपकी पार्टी और आपकी पार्टी की अभिभावक संघ और परिषद् देश भर में मुसलमानों को घर वापस लाने का अभियान चला रहे हैं, पूछने की जरुरत नहीं है की आप को इस अभियान के बारे में पता होगा,

महिषासुर की बेटी को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया

महिला दिवस, 8 मार्च 2016 को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने बिहार के नवादा जिले की डा. सौरभ सुमन को जब ‘नारी शक्ति’ सम्मान से सम्मानित किया तो शायद उन्हें भी नहीं पता हो कि डा. सौरभ सुमन को सम्मानित करना उन 19 दूसरी महिलाओं के सम्मानित करने से अलग क्यों है ! तब राष्ट्रपतिभवन में एक कार्यक्रम में सामाजिक कार्यों से जुडी देश भर की 20 महिलायें सम्मानित की गईं. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने के अलावा देश की कई नामी-गिरामी हस्तियां उपस्थित थी।